10.12.2025
उज्बेकिस्तान गणराज्य के राष्ट्रगान की 33वीं वर्षगांठ की हार्दिक शुभकामनाएं!
10 दिसंबर, 1992 को उज्बेकिस्तान गणराज्य की सर्वोच्च परिषद के 11वें सत्र द्वारा अपनाया गया हमारा राष्ट्रगान तीन दशकों से अधिक समय से मातृभूमि के प्रति प्रेम, गौरव और एकता की भावना को लोगों के दिलों में जगा रहा है।
राष्ट्रगान के बोल जन कवि अब्दुल्ला ओरिपोव ने लिखे थे और संगीत जन कलाकार एवं संगीतकार मुताल बुरखानोव ने रचा था। उनकी प्रतिभा ने हमारे देश के इतिहास पर अमिट छाप छोड़ी है।
हम राष्ट्रगान गाते हैं, गर्व से अपने हाथों को हृदय पर रखते हैं। इसकी ध्वनि सर्वविदित और पूजनीय है, जो हमें शक्ति, आत्मविश्वास और नई उपलब्धियों के लिए प्रेरणा प्रदान करती है! ईश्वर करे इसकी पवित्र ध्वनि हमें प्रतिदिन शक्ति और आत्मविश्वास प्रदान करे!
छुट्टियों की शुभकामनाएं!